तांबे के बर्तन में पानी पीने के लाभ :-

Tambe Ke Bartan Mein Pani Peene Ke Fayde

1. स्वस्थ त्वचा

 पानी को हर रात तांबे के बर्तन में रखा जाना चाहिए औ र सुबह फ्रेश होने के बाद, यह त्वचा से संबंधित सभी समस्याओं को खत्म करता है, साथ ही त्वचा, चेहरे को उज्ज्वल करता है।

 2. जोड़ों को आराम दें

 रोजाना सुबह शाम तांबे के बर्तन में पानी पीने से जोड़ों का दर्द कम होता है, जो जोड़ों के दर्द में काफी राहत देता है।

 3. वजन घटाने में सहायक

 रोजाना सुबह शाम तांबे के बर्तन में पानी पीने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है और अतिरिक्त वसा की कमी के कारण वजन नहीं बढ़ता है।

 4. जीवाणु नष्ट हो जाते हैं

 कॉपर में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, इसमें पानी डालने से बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, और दस्त, डायरिया, पीलिया के खतरे से बचा जाता है

 5. कैंसर के खतरे को कम करता है

 कॉपर कंटेनर में पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं, जिससे कैंसर का खतरा कम होता है।

  6. घाव ठीक करने में  मदद

 तांबे में एंटी-बैक्टीरियल गुण घावों को भरने में मदद करते हैं, किसी भी चोट के लिए हर दिन तांबे के बर्तन में पानी पीते हैं।

 7. थायराइड के खतरे को कम करता है

 कॉपर में कॉपर थायरोक्सिन हार्मोन को संतुलित करता है, जिससे थायराइड का खतरा दूर होता है।

 8. दिल मजबूत होता है

 तांबे के बर्तन में रखा पानी 3 से 4 घंटे पीने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रण में रहता है और दिल मजबूत होता है।

 9. अम्लता नष्ट हो जाती है

 पीने का पानी जो कम से कम 3-5 घंटों के लिए तांबे के बर्तन में रखा जाता है, शरीर से अम्लता और गैस को दूर करता है और पाचन प्रक्रिया में मदद करता है।

  10. खून बढ़ाने में मदद करता है

 तांबे के बर्तन में नियमित रूप से पानी पीने से तांबे में तांबे की कमी हो जाती है, जिससे एनीमिया के खतरे से बचा जाता है।

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

स्वस्थ रहने के 20 नियम

विभिन्न बीमारियों में लाभदायक ज्यूस

अनार| Anar Ke Fayde In Hindi

गुड खाने के फायदे

मधुमेह (डायबिटीज) के घरेलू नुस्खे

मधुमेह (डायबिटीज) | Sugar Ka Gharelu Ilaj

Sugar Ka Gharelu Ilaj

मधुमेह बीमारी का असली कारण जब तक आप लोग नही समझेगे आपकी मधुमेह कभी भी ठीक नही हो सकती है जब आपके रक्त में वसा (कोलेस्ट्रोल) की मात्रा बढ जाती है तब रक्त में मोजूद कोलेस्ट्रोल कोशिकाओ के चारों वो चिपक जाता है और     खून में मोजूद इन्सुलिन कोशिकाओं तक नही पहुँच पाता है (इंसुलिन की मात्रा तो पर्याप्त होती है किन्तु इससे रिसेप्टरों को खोला नहीं जा सकता है, अर्थात पूरे ग्लूकोज को ग्रहण कर सकने के लिए रिसेप्टरों की संख्या कम हो सकती है) वो इन्सुलिन शरीर के किसी भी काम में नही आता है जिस कारण से शरीर में हमेशा शुगर का स्तर हमेशा ही बढा हुआ होता है जबकि जब हम बाहर से इन्सुलिन लेते है तब वो इन्सुलिन नया-नया होता है तो वह कोशिकाओं के अन्दर पहुँच जाता है  अब आप समझ गये होगे कि मधुमेह का रिश्ता कोलेस्ट्रोल से है न कि शुगर से.

घरेलू उपचार :-

आयुर्वेद की एक दवा है जो आप घर में भी बना सकते है –   100 ग्राम मेथी का दाना – 100 ग्राम करेले के बीज –  150 ग्राम जामुन के बीज –  250 ग्राम बेल के पत्ते |

इन सबको धूप में सुखाकर पत्थर में पीसकर पाउडर बना कर आपस में मिला ले यही औषधि है ।

औषधि लेने की पद्धति :

सुबह नास्ता करने से एक घंटे पहले एक चम्मच गरम पानी के साथ ले, फिर शाम को खाना खाने से एक घंटे पहले ले। तो सुबह शाम एक एक चम्मच पाउडर खाना खाने से पहले गरम पानी के साथ आपको लेना है । 

सावधानी

  सुगर के रोगी ऐसी चीजे ज्यादा खाए जिसमे फाइबर हो रेशे ज्यादा हो, High Fiber Low Fat Diet घी तेल वाली डायट कम हो और फाइबर वाली ज्यादा हो रेशेदार चीजे ज्यादा  खाए। सब्जिया में बहुत रेशे है वो खाए, डाल जो छिलके वाली हो वो खाए, मोटा अनाज ज्यादा खाए, फल ऐसी खाए जिनमे रेशा बहुत है । –  चीनी कभी ना खाए, डायबिटीज की बीमारी को ठीक होने में चीनी सबसे बडी रुकावट है। लेकिन आप कभी कभी अगर चाहें तो  गुड खा सकते है ।  दूध और दूध से बनी कोई भी चीज नही खाना । –  प्रेशर कुकर और अलुमिनम के बर्तन में खाना ना बनाए ।

–  रात का खाना सूर्यास्त के पूर्व करना होगा जो डायबिटीज आनुवंशिक होतें है वो कभी पूरी ठीक नही होता सिर्फ कण्ट्रोल होता है उनको ये दवा पूरी जिन्दगी खानी पडेगी, पर जिनको आनुवंशिक नही है उनका पूरा ठीक होता है।

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

स्वस्थ रहने के 20 नियम

विभिन्न बीमारियों में लाभदायक ज्यूस

अनार| Anar Ke Fayde In Hindi

गुड खाने के फायदे

हल्दी वाला दूध | Haldi Dudh Ke Fayde In Hindi

 हल्दी वाला दूध, जो मौसम के हर इंफेक्शन को रखेगा दूर

जब चोट लग जाए

 यदि किसी कारण से शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाए, तो हल्दी वाला दूध उसे जल्द से जल्द ठीक करने में बेहद लाभदायक है। क्योंकि यह अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता।

शारीरिक दर्द

शरीर के दर्द में हल्दी वाला दूध आराम देता है।हाथ-पैर व शरीर के अन्य भागों में दर्द की शिकायत होने पर रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

त्वचा हो खूबसूरत

दूध पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक पैदा होती है, और दूध के साथ हल्दी का सेवन, एंटीसेप्टिक व एंटी बैक्टीरियल होने के कारण त्वचा की समस्याओं जैसे – इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे आदि के बैक्टीरिया को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इससे आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है।

सर्दी होने पर

सर्दी, जुकाम या कफ होने पर हल्दी वाले दूध का सेवन अत्यधिक लाभकारी साबित होता है। इससे सर्दी, जुकाम तो ठीक होता ही है, साथ ही गर्म दूध के सेवन से फेफड़ों में जमा हुआ कफ भी निकल जाता है। सर्दी के मौसम में इसका सेवन आपको स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

स्वस्थ रहने के 20 नियम

विभिन्न बीमारियों में लाभदायक ज्यूस

अनार| Anar Ke Fayde In Hindi

गुड खाने के फायदे

गुड खाने के फायदे | Gud Khane Ke Fayde In Hindi

Gud Khane Ke Fayde In Hindi

1.गुड में खून को पतला करने के गुण मौजूद होते हैं. इसलिए जिन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या है, उनके लिए गुड रामबाण औषधि साबित हो सकता है. यह रक्त का बहाव नसों में तेज़ करके हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है.

2. आपको भोजन के बाद गुड़ खाना चाहिए क्योंकि यह पाचन एंजाइमों को एक्टिव करता है. ने दैनिक आहार में गुड़ को शामिल करने से पाचन में सुधार और अम्लता, सूजन और गैस की समस्या कम हो जाती है.

3. अपने भोजन के बाद गुड़ का एक छोटा टुकड़ा खाने से आपके भोजन के बाद की चीनी की मात्रा भी पूरी हो जाती है.

4. गुड़ कब्ज के इलाज और रोकथाम के लिए भी अच्छा होता है. फाइबर में समृद्ध है और एक हल्के रेचक(माइल्ड लैसेटिव) के रूप में काम करने के लिए जाना जाता है.

गुड के फायदे

5. लीवर को डिटॉक्सीफाई करने में गुड़ की बहुत बड़ी भूमिका होती है.यह जिन्क और सेलेनियम में समृद्ध है, और आयुर्वेद में लीवर के लिए एक डिटॉक्सीफाइंग एजेंट के रूप में उपयोग किया जाता है.

6. हमें हेल्थी रहने के लिए शरीर में आयरन की उचित मात्रा मिलना आवश्यक है. खास कर गर्भवती महिलाओं को आयरन की कमी पूरा करने के लिए गुड खाने की सलाह दी जाती है. इससे एनीमिया, हेमोग्लोबिन आदि शिकायतों से निजात हासिल किया जा सकता है. इसलिए आज से ही गुड को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें.

7. लड़कियों और महिलाओं को माहवारी के दर्द से छुटकारा दिलवाने के लिए गुड को सबसे उत्तम एवं रामबाण औषधि माना गया है. हालाँकि इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए सर्दियों में एक चम्मच गुड खाना भी आपको ढेरों फायदे दे सकता है.

8. गुड़ एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर है, खासकर सर्दियों के मौसम के दौरान यह हमारी इमुनिटी को दुगुना कर देता है. इसमें आयरन, सेलेनियम, जिंक, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस माइक्रोन्यूट्रिएंट होते हैं जो इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

स्वस्थ रहने के 20 नियम

विभिन्न बीमारियों में लाभदायक ज्यूस

अनार| Anar Ke Fayde In Hindi

अनार| Anar Ke Fayde In Hindi

Anar Ke Fayde In Hindi

मसूड़ों की समस्या में मिलेगा लाभ

सेहत के लिए अनार बेहद लाभदायक होता हैं। अनार खाना और अनार का जूस दोनों स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है।इसमें फाइबर, विटामिन के, सी और बी, आइरन, पोटेशियम, जिंक जैसै तत्व पाए जाते है। इसलिए इसके नियमित सेवन से खून की कमी नहीं होती है।

अगर आपको बुखार में बार-बार प्यास लगती हैं, या फिर गला सूखता है तो आप अनार का रस पीजिए, लाभ होगा ।

अगर आप मसूड़ों की समस्या से ग्रसित हैं तो अनार के छिलके को सूखा कर जला कर पाउडर बना लीजिए और मंजन की तरह मसूड़ों पर मलें , दांत चमकेंगे तथा मसूड़ों में मजबूती आएगी।

अगर आप खांसी से परेशान हैं तो आप अनार के फल का छिलका चबा कर चूस लीजिए। इससे आपको खांसी से शीघ्र फायदा मिलेगा।

अगर आप को बदहजमी की समस्या हैं तो इसके दाने के 4 चम्मच रस में थोड़ा-सा भुना हुआ जीरा पाउडर मिलाकर इसका सेवन कीजिए।

अगर आप कब्ज की समस्या से ग्रसित हैं तो आप इसके दाने को चबा कर खा लीजिए

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

स्वस्थ रहने के 20 नियम

विभिन्न बीमारियों में लाभदायक ज्यूस

विभिन्न बीमारियों में लाभदायक ज्यूस

Juice Peene Ke Fayde

1. भूख लगाने के हेतुः-

प्रातःकाल खाली पेट नींबू का पानी पियें। खाने से पहले अदरक को कद्दूकस करके सैंधा नमक के साथ लें।

2. रक्तशुद्धि हेतु :-

नींबू, गाजर, गोभी, चुकन्दर, पालक, सेव, तुलसी, नीम और बेल के पत्तों का रस प्रयोग करें।

3. दमाः-

लहसुन, अदरक, तुलसी, चुकन्दर, गोभी, गाजर, मीठी द्राक्ष का रस, भाजी का सूप अथवा मूँग का सूप और बकरी का शुद्ध दूध लाभदायक है। घी, तेल, मक्खन वर्जित है।

4 उच्च रक्तचापः-

गाजर, अंगूर, मोसम्मी और ज्वारों का रस। मानसिक तथा शारीरिक आराम आवश्यक है।

5. निम्न रक्तचाप

मीठे फलों का रस लें, किन्तु खट्टे फलों का उपयोग ना करें। अंगूर और मोसम्मी का रस अथवा दूध भी लाभदायक है।

6. पीलिया

अंगूर, सेव, रसभरी, मोसम्मी, अंगूर की अनुपलब्धि पर लाल मुनक्के तथा किसमिस का पानी। गन्ने को चूसकर उसका रस पियें। केले में 1.5 ग्राम चूना लगाकर कुछ समय रखकर फिर खायें।

7. मुहाँसों के दाग

गाजर, तरबूज, प्याज, तुलसी, घृतकुमारी और पालक का रस।

8. संधिवात

लहसुन, अदरक, गाजर, पालक, ककड़ी, गोभी, हरा धनिया, नारियल का पानी तथा सेव और गेहूँ के ज्वारे।

9. एसीडिटी

गाजर, पालक, ककड़ी, तुलसी का रस, फलों का रस अधिक लें। अँगूर मौसम्मी तथा दूध भी लाभदायक है।

10. कैंसर

गेहूँ के ज्वारे, गाजर और अंगूर का रस।

11. सुन्दर बनने के लिए

सुबह-दोपहर नारियल का पानी या बबूल का रस लें। नारियल के पानी से चेहरा साफ करें।

12. फोड़े-फुन्सियाँ

गाजर, पालक, ककड़ी, गोभी और नारियल का रस।

13. कोलाइटिस

गाजर, पालक और अन्नानास का रस। 70 प्रतिशत गाजर के रस के साथ अन्य रस समप्राण। चुकन्दर, नारियल, ककड़ी, गोभी के रस का मिश्रण भी उपयोगी है।

14. अल्सर

अंगूर, गाजर, गोभी का रस, केवल दुग्धाहार पर रहना आवश्यक है, खूब गर्म दूध में 2 चम्मच देशी गाय का घी डालकर मिलाकर करके पियें।

15. सर्दी-कफ

मूली, अदरक, लहसुन, तुलसी, गाजर का रस, मूँग अथवा भाजी का सूप।

16. ब्रोन्काइटिस

पपीता, गाजर, अदरक, तुलसी, अनन्नास का रस, मूँग का सूप। स्टार्चवाली खुराक वर्जित।

17. दाँत निकलते बच्चे के लिए

अन्नानास का रस थोड़ा नींबू डालकर रोज चार औंस (100-125 ग्राम)।

18. रक्तवृद्धि के लिए

मौसम्मी, अंगूर, पालक, टमाटर, चुकन्दर, सेव, रसभरी का रस रात को। रात को भिगोया हुआ खजूर का पानी सुबह में। इलायची के साथ केले भी उपयोगी हैं।

19. स्त्रियों को मासिक धर्म कष्ट

अंगूर, अन्नानास तथा रसभरी का रस।

20. आँखों के तेज के लिए

गाजर का रस तथा हरे धनिया का रस श्रेष्ठ है।

21. अनिद्रा

अंगूर और सेव का रस। पीपरामूल शहद के साथ।

22. वजन बढ़ाने के लिए

पालक, गाजर, चुकन्दर, नारियल और गोभी के रस का मिश्रण, दूध, दही, सूखा मेवा, अंगूर और सेवों का रस।

23. डायबिटीज

गोभी, गाजर, नारियल, करेला और पालक का रस।

24. पथरी

पत्तों वाली सब्जी,  पालक, टमाटर ना लें। ककड़ी का रस श्रेष्ठ है। सेव अथवा गाजर या कद्दू का रस भी सहायक है। जौ एवं सहजने का सूप भी लाभदायक है।

25. सिरदर्द

ककड़ी, चुकन्दर, गाजर, गोभी और नारियल के रस का मिश्रण।

26. किडनी का दर्द

गाजर, पालक, ककड़ी, अदरक और नारियल का रस।

27. फ्लू

अदरक, तुलसी, गाजर का रस।

28 वजन घटाने के लिए

अन्नानास, गोभी, तरबूज,लौकी और नींबू का रस।

29. पायरिया

गेहूँ के ज्वारे, गाजर, नारियल, ककड़ी, पालक और सोया की भाजी का रस। कच्चा अधिक खायें।

30. बवासीर

मूली का रस, अदरक का रस घी डालकर, नागर मोथा, नारियल पानी।

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

स्वस्थ रहने के 20 नियम

स्वस्थ रहने के 20 नियम | Swasth Rahne Ke Niyam

Swasth Rahne Ke Niyam

आज कल की अव्यवस्थिति जीवन शैली ही अनेक रोगों का मूल कारण है, अगर थोड़ा सा बदलाव कर लिया जाए तो अनेक रोगों से मुक्ति बिना दवा के पायी जा सकती है। आइये जानते है ये सुनहरे नियम।

1. आजकल बढ़ रहे चर्म रोगों और पेट के रोगों का सबसे बड़ा कारण दूध युक्त चाय और इसके साथ लिया जाने वाला नमकीन है।

2. कसी हुई टाई बाँधने से आँखों की रोशनी पर नकारात्मक प्रभाव होता है।

3. अधिक झुक कर पढने से फेफड़े,रीढ़,और आँख की रौशनी पर बुरा असर होता है।

4. अत्यधिक फ्रीज किये हुए ठन्डे पदार्थों के सेवन से बड़ी आंत सिकुड़ जाती है।

5. भोजन के पश्चात स्नान करने से पाचन शक्ति मंद हो जाती है इसी प्रकार भोजन के तुरंत बाद मैथुन, बहुत ज्यादा परिश्रम करना एवं सो जाना पाचनशक्ति को नष्ट करता है।

6. पेट बाहर निकलने का सबसे बड़ा कारण खड़े होकर या कुर्सी मेज पर बैठ कर खाना और तुरंत बाद पानी पीना है. भोजन सदैव जमीन पर बैठ कर करें. ऐसा करने से आवश्यकता से अधिक खा नहीं पाएंगे. भोजन करने के बाद पानी पीना कई गंभीर रोगों को आमंत्रण देना है।

7. भोजन के प्रारम्भ में मधुर-रस (मीठा), मध्य में अम्ल, लवण रस (खट्टा, नमकीन) तथा अन्त में कटु, तिक्त, कषाय (तीखा, चटपटा, कसेला) रस के पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

8. भोजन के बाद हाथ धोकर गीले हाथ आँखों पर लगायें. यह आँखों को गर्मी से बचाएगा।

9. नहाने के कुछ पहले एक गिलास सादा पानी पियें. यह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बहुत हद तक दूर रखेगा।

10. नहाने की शुरुवात सर से करें. बाल न धोने हो तो मुह पहले धोये. पैरों पर पहले पानी डालने से गर्मी का प्रवाह ऊपर की ओर होता है और आँख मस्तिष्क आदि संवेदन शील अंगो को क्षति होती है।

11. नहाने के पहले सोने से पहले एवं भोजन कर चुकने के पश्चात मूत्र त्याग अवश्य करें  . यह अनावश्यक गर्मी, कब्ज और पथरी से बचा सकता है।

12. कभी भी एक बार में पूर्ण रूप से मूत्रत्याग न करें बल्कि रूक रुक कर करें. यह नियम स्त्री पुरुष दोनों के लिए है ऐसा करके प्रजनन अंगों से सम्बंधित शिथिलता से आसानी से बचा जा सकता है।

13. खड़े होकर मूत्र त्याग से रीढ़ की हड्डी के रोग होने की सम्भावना रहती है. इसी प्रकार खड़े होकर पानी पीने से जोड़ों के रोग ऑर्थरिटिस आदि हो जाते हैं।

14. फल, दूध से बनी मिठाई, तैलीय पदार्थ खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. ठंडा पानी तो कदापि नहीं।

15. अधिक रात्रि तक जागने से प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है।

16. जब भी कुल्ला करें आँखों को अवश्य धोएं. अन्यथा मुह में पानी भरने पर बाहर निकलने वाली गर्मी आँखों को नुकसान पहुचायेगी।

17. सिगरेट तम्बाकू आदि नशीले पदार्थों का सेवन करने से प्रत्येक बार मस्तिष्क की हजारों कोशिकाएं नष्ट हो जाती है इनका पुनर्निर्माण कभी नहीं होता।

18. मल मूत्र शुक्र खांसी छींक अपानवायु जम्हाई वमन क्षुधा तृषा आंसू आदि कुल 13 अधारणीय वेग बताये गए है इनको कभी भी न रोकें. इनको रोंकना गंभीर रोगों के कारण बन सकते हैं .प्रतिदिन उषापान करने कई बीमारियाँ नहीं हो पाती और डॉक्टर को दिया जाने वाला बहुत सा धन बच जाता है.उषापान दिनचर्या का अभिन्न अंग बनायें।

20. रात्रि शयन से पूर्व परमात्मा को धन्यवाद अवश्य दें. चाहे आपका दिन कैसा भी बीता हो. दिन भर जो भी कार्य किये हों उनकी समीक्षा करते हुए अगले दिन की कार्य योजना बनायें अब गहरी एवं लम्बी सहज श्वास लेकर शरीर को एवं मन को शिथिल करने का प्रयास करे. अपने सब तनाव, चिन्ता, विचार आदि परमपिता परमात्मा को सौंपकर निश्चिंत भाव से निद्रा की शरण में जाएँ।

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

मेथी का पानी | Methi Ke Pani Ke Fayde In Hindi

Methi Ke Pani Ke Fayde In Hindi

1 महीने पीएं मेथी का पानी, शरीर के हर पार्ट में आएगा ये चमत्कारिक बदलाव

घर पर आसानी से मिल जाने वाली मेथी में इतने सारे गुण है कि आप सोच भी नहीं सकते है। यह सिर्फ एक मसाला नहीं है बल्कि एक ऐसी दवा है जिसमें हर बीमारी को खत्म करने का दम है। आइए आज हम आपको मेथी के पानी के कुछ चमत्कारिक तरीके बताते हैं।

करें ये काम

एक पानी से भरा गिलास ले कर उसमें दो चम्‍मच मेथी दाना डाल कर रातभर के लिये भिगो दें। सुबह इस पानी को छानें और खाली पेट पी जाएं। रातभर मेथी भिगोने से पानी में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्‍सीडेंट गुण बढ जाते हैं। इससे शरीर की तमाम बीमारियां चुटकियों में खत्म हो जाती है। आइए आपको बताते है कि कौन सी है वो खतरनाक 7 बीमारियां जो भग जाएंगी इस पानी को पीने से।

वजन होगा कम

यदि आप भिगोई हुई मेथी के साथ उसका पानी भी पियें तो आपको जबरदस्‍ती की भूख नहीं लगेगी। रोज एक महीने तक मेथी का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

गठिया रोग से बचाए

इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के नातेए मेथी का पानी गठिया से होने वाले दर्द में भी राहत दिलाती है।

कोलेस्‍ट्रॉल लेवल घटाए

बहुत सारी स्‍टडीज़ में प्रूव हुआ है कि मेथी खाने से या उसका पानी पीने से शरीर से खराब कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल कम होकर अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बढ़ता है।

ब्लड प्रेशर होगा कंट्रोल

मेथी में एक galactomannan नामक कम्‍पाउंड और पोटैशियम होता है। ये दो सामग्रियां आपके ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बड़ी ही सहायक होती हैं।

कैंसर से बचाए

मेथी में ढेर सारा फाइबर होता है जो कि शरीर से विषैले तत्‍वों को निकाल फेंकती है और पेट के कैंसर से बचाती है।

किडनी स्‍टोन

अगर आप भिगोई हुई मेथी का पानी 1 महीने तक हर सुबह खाली पेट पियेंगे आपकी किडनी से स्‍टोन जल्‍द ही निकल जाएंगे।

मधुमेह

मेथी में galactomannan होता है जो कि एक बहुत जरुरी फाइबर कम्‍पाउंड है। इससे रक्‍त में शक्‍कर बड़ी ही धीमी गति से घुलती है। इस कारण से मधुमेह नहीं होता।

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

हिचकी |Hichki Ki Desi Dawa

Hichki Ki Desi Dawa

सभी प्रकार की हिचकियों में अदरक की साफ किया हुआ छोटा टुकड़ा चूसना चाहिए।

अदरक के बारीक टुकड़े को चूसने से हिचकी जल्द बंद हो जाती है। घी या पानी में सेंधानमक पीसकर मिलाकर सूंघने से हिचकी बंद हो जाती है।

एक चम्मच अदरक का रस लेकर गाय के 250 मिलीलीटर ताजे दूध में मिलाकर पीने से हिचकी में फायदा होता है।

एक कप दूध को उबालकर उसमें आधा चम्मच सोंठ का चूर्ण डाल दें और ठंडा करके पिलाएं।

ताजे अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े करके चूसने से पुरानी एवं नई तथा लगातार उठने वाली हिचकियां बंद हो जाती हैं। समस्त प्रकार की असाध्य हिचकियां दूर करने का यह एक प्राकृतिक उपाय है।

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार

बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार |Bawaseer Ki Desi Dawai

यह बीमारी व्यक्ति को काफी पीड़ा पहुंचाती है। मलद्वार की शिराओं के फूलने से मटर के दाने जैसे मांस के अंकुर निकलना आयुर्वेद में अर्श और आम भाषा में बवासीर के नाम से जाना जाता है। यह रोग बादी और खूनी,बवासीर के नाम से दो प्रकार का होता है। बादी बवासीर में गुदा में पीड़ा, खुजली और सूजन होती है, जबकि खूनी बवासीर में मस्सों से मल के टकराने से रक्तस्राव होता है।

कारण :

बवासीर होने के प्रमुख कारणों में कब्ज अजीर्ण की शिकायत, अत्यधिक मद्यपान, नशीली चीजें खाना, मिर्च-मसालेदार, तले हुए गरिष्ठ पदार्थों का अधिक सेवन, अनियमित भोजन, मांस, मछली, अंडा खाना, बैठे रहने का कार्य करना, श्रम व व्यायाम न करना, धूम्रपान, रात में जागरण, यकृत की खराबी, घुड़सवारी करना आदि होते हैं।

लक्षण :

इस रोग के लक्षणों में पाखाना सख्त और कम मात्रा में होना, गुदा में कांटे चुभने जैसा दर्द, सृजन, खुजली होना, खून गिरना, अधिक रक्तस्राव से शरीर पीला पड़ना, दुर्बलता, चक्कर, घबराहट होना, चिंता, क्रोध, अपानवायु का अवरोध, जोर लगाकर वायु निकालना पड़े, आंखों में शोथ, भोजन में अरुचि आदि देखने -को मिलते हैं।

1- खूनी बवासीर :-

खूनी बवासीर में किसी प्रकार की तकलीफ नही होती है केवल खून आता है। पहले पखाने में लगके, फिर टपक के, फिर पिचकारी की तरह से सिफॅ खून आने लगता है। इसके अन्दर मस्सा होता है। जो कि अन्दर की तरफ होता है फिर बाद में बाहर आने लगता है। मल त्यागने के बाद अपने से अन्दर चला जाता है। पुराना होने पर बाहर आने पर हाथ से दबाने पर ही अन्दर जाता है। आखिरी स्टेज में हाथ से दबाने पर भी अन्दर नही जाता है।

2-बादी बवासीर :-

बादी बवासीर रहने पर पेट खराब रहता है। कब्ज बना रहता है। गैस बनती है। बवासीर की वजह से पेट बराबर खराब रहता है। न कि पेट गड़बड़ की वजह से बवासीर होती है। इसमें जलन,  दर्द, खुजली, शरीर मै बेचैनी, काम में मन न लगना इत्यादि। मल कड़ा होने पर इसमें खून भी आ सकता है। इसमें मस्सा अन्दर होता है।

मस्सा अन्दर होने की वजह से पखाने का रास्ता छोटा पड़ता है और चुनन फट जाती है और वहाँ घाव हो जाता है उसे डाक्टर अपनी जवान में फिशर भी कहते हें। जिससे असहाय जलन और पीडा होती है। बवासीर बहुत पुराना होने पर भगन्दर हो जाता है। बवासीर, भगन्दर की आखिरी स्टेज होने पर यह केंसर का रूप ले लेता है। जिसको रिक्टम केंसर कहते हें। जो कि जानलेवा साबित होता है।लेकिन इन आयुर्वेदिक औषधियों को अपनाकर बवासीर से छुटकारा पाया जा सकता है।

छाछ (लस्सी)

बवासीर के मस्‍सों को दूर करने के लिए मट्ठा बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए करीब दो लीटर छाछ लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्‍वादानुसार नमक मिला दें। प्यास लगने पर पानी के स्‍थान पर इसे पीये। चार दिन तक ऐसा करने से  मस्‍से ठीक हो जायेगें। इसके अलावा हर रोज दही खाने से बवासीर होने की संभावना कम होती है। और बवासीर में फायदा भी होता है।

त्रिफला

आयुर्वेंद की महान देन त्रिफला से हम सभी परिचित है। इसके चूर्ण का नियमित रूप से रात को सोने से पहले 1-2 चम्‍मच सेवन कब्‍ज की समस्‍या दूर करने मेंं मदद करता है। जिससे बवासीर में राहत मिलती है।

जीरा

छोटा सा जीरा पेट की समस्‍याओं बहुत काम का होता है। जीरे को भूनकर मिश्री के साथ मिलाकर चूसने से फायदा मिलता है। या आधा चम्‍मच जीरा पाउडर को एक गिलास पानी में डाल कर पियें। इसके साथ जीरे को पीसकर मस्‍सों पर लगाने से भी फायदा मिलता है।

केला और कत्था

पके केले को बीच में से चीरकर दो टुकड़े कर ले और उस पर कत्था पीसकर, थोड़ा थोड़ा बुरक ले। कत्था बाजार से पिसा पिसाया मिल जाता हैं। इस के बाद केले के उन टुकड़ो को खुली जगह पर आसमान के नीचे रख दे। सुबह होने पर खाली पेट  उन टुकड़ो का सेवन करे। एक हफ्ते ये प्रयोग करे, कैसी भी बवासीर हो, नष्ट हो जाती हैं।

अंजीर

सूखा अंजीर बवासीर के इलाज के लिए एक और अद्भुत आयुर्वेदिक उपचार हैं। एक या दो सूखे अंजीर को लेकर रात भर के लिए गर्म पानी में भिगों दें। सुबह खाली पेट इसको खाने से फायदा होता है।

हरीतकी (हरड़)

हरड़ के रूप में लोकप्रिय हरीतकी कब्‍ज को दूर करने का एक बहुत अच्‍छा आयुर्वेदिक उपाय है। हरीतकी चूर्ण आधा से एक चम्मच, रात को गुनगुने पानी से लेने से या गुड़ के साथ हरड खाने से बवासीर की समस्‍या से निजात मिलता है।

नारियल की जटा लीजिए। उसे माचिस से जला दीजिए। जलकर भस्म बन जाएगी। इस भस्म को शीशी में भर कर ऱख लीजिए। कप डेढ़ कप छाछ या दही के साथ नारियल की जटा से बनी भस्म तीन ग्राम खाली पेट दिन में तीन बार सिर्फ एक ही दिन लेनी है। ध्यान रहे दही या छाछ ताजी हो खट्टी न हो। कैसी और कितनी ही पुरानी पाइल्स की बीमारी क्यों न हो, एक दिन में ही ठीक हो जाती है।

Read More

गर्म पानी पीने के फायदे

Disease Specific Asanas

कढ़ी पत्ता Kari Patta Ke Fayde

उल्टी रोकने के घरेलू उपाय

कमजोर लीवर 

गुहेरी | Guheri Ka Ilaj In Hindi

एसिडिटी | Acidity Treatment In Hindi

पेट में गैस बनना