Muh Me Chale Ka Ilaj In Hindi | Muh Me Chale ka gharelu ilaj
मुंह में छाले (Mouth Ulcer) होना आम सी बात है लेकिन पेट की गड़बड़ी के कारण भी मुंह और जीभ पर छाले की समयस्या हो सकती है। अगर समय रहते इनका इलाज न किया जाए तो इससे परेशानी और बढ़ जाती है और कुछ भी खाने-पीने में दिक्कत आने लगती है। इससे छुटाकारा पाने के लिए मार्कीट से दवाइयां (Medicine) तो बहुत मिलती है लेकिन कई बार दवाइयों से भी आराम नहीं मिल पाता है। अगर ऐसे में कुछ घऱेलू तरीके (Home Remedies) अपनाकर देखे जाए तो शायद आप मुंह और जीभ के छालों से राहत पा सकते है। हम आपको मुंह और जीभ के छालों से राहत दिलाने वाले असरदार नुस्खों के बारे में बताएंगे।
मुँह के छाले प्रायः पेट की गड़बड़ी से होते हैं। ये छाले कभी जीभ की नोक पर तो कभी पूरी जाभ पर निकलते हैं। छाले के कारण मुँह में बार बार पानी आने लगता है। इन छालों में जलन तथा दर्द होता है। होठों पर भी छाले आ जाते हैं। मुह के छाले हो रहे है इसका सीधा सा मतलब है कि पेट आपका साफ नहीं हो रहा है और बड़ी आंत (Large intestine) आपकी कचरे से भरी हुई है. उसके लिए एक सबसे आसान उपाय है कि पानी को घूंट घूंट करके पिए. जैसे ही बड़ी आंत साफ हो जाएगी छाले कभी नहीं होंगे.
कुछ अन्य घरेलू उपाय
1- हल्दी :
हल्दी काफी गुणकारी होती है। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर मिक्स कर लें और इस पानी से गरारे करें। दिन में 2-3 बार इस तरह करने से मुंह के छालों से राहत मिलेगी।
2- देसी घी :
अगर आप मुंह और जीभ के छालों से कुछ ज्यादा ही परेशान है तो रात को सोने से पहले शुद्ध देसी घी को छालों पर लगा लें। सुबह तक छाले गायब हो जाएगे।
3- नमक :
एक गिलास पानी में थोड़ा सा नमक डालकर इससे कुल्ला करें। दिन में 1-2 बार लगातार इस प्रक्रिया को दोहराएं।
4- शहद :
शहद को भी मुंह और जीभ के छाले दूर करने में कारगार माना जाता है। दिन में 3-4 बार छालों पर शहद लगाएं। इससे काफी राहत मिलेगी।
5- बर्फ :
बर्फ का इस्तेमाल करके भी मुंह के छालों से राहत पाई जा सकती है। बर्फ को छालों पर रगड़े। दिन में ऐसा 4-5 बार करें।
Kari Patta Ke Fayde | Benifit of curry Patta in hindi | kari patta ke fayde in hindi
वर्षा ऋतु में करी (कड़ी) पत्ता के पेड़ लगाया जाता है, और इसकी पत्तियां हमेशा हरी -भरी रहती हैं।
महाराष्ट्र में घरों में इसका पेड़ खूब मिलता है।
दक्षिण भारत व पश्चिमी-तट के राज्यों और श्रीलंका के व्यंजनों के छौंक के रूप में रसेदार व्यंजनों में इसका प्रयोग तेजपत्तों की तरह किया जाता है। कहीं – कहीं इसे काला नीम भी कहते हैं।
पोहा, कढ़ी, नमकीन हलवा, रायता कई भारतीय व्यंजनों में कढ़ी पत्ते का प्रयोग किया जाता है।
कढ़ी पत्ते में मौजूद आयरन, जिंक और कॉपर जैसे मिनरल न सिर्फ अग्नाशय की बीटा-कोशिकाओं को सक्रिय करते हैं, बल्कि उन्हें नष्ट होने से भी बचाते हैं। इससे ये कोशिकाएं इंसुलिन का उत्पादन तेज कर देती हैं।
कढ़ी पत्ते के लाभ
डायबिटीज पीड़ितों के लिए रोज सुबह खाली पेट 8-10 कढ़ी पत्ते चबाना फायदेमंद है। इसके एंटी डायबिटिक शरीर में इंसुलिन की गतिविधि को प्रभावित करके ब्लड शुगर लेवल को कम करते हैं।
डायरिया को रोकता है
कढ़ी पत्ते में कार्बाज़ोल एल्कालॉयड्स होते हैं, जिससे इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह गुण पेट के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। यह पेट से पित्त भी दूर करता है, जो डायरिया होने का मुख्य कारण है।
इसके अतिरिक्त कढ़ी पत्ता का प्रयोग लंबे और स्वस्थ बालों के लिए, पेट संबंधित बीमारियों में गठिया रोगों में भी अत्यंत लाभदायक है।
इसकी जड़ का इस्तेमाल आंखों और किडनी के रोग के लिए होता है।
कढ़ीपत्तेकीइस्तेमालविधि
भोजन में कढ़ी पत्ते की मात्रा बढ़ाएं या फिर रोज सुबह तीन माह तक खाली पेट 25 ग्राम कढ़ी पत्ता खाएं तो फायदा होगा।
डायरिया
डायरिया से पीड़ित व्यक्तियों को कढ़ी पत्तों को कसकर दिन में तीन बार छाछ के साथ पीना चाहिए।
बालों की जड़ों
बालों की जड़ों को मज़बूत करने के लिए पीसकर इसका लेप बना लें फिर इसे सीधे बालों की जड़ों में लगाएं साथ में प्रतिदिन करी पत्ते को खाते रहे।
अगर नाक और सीने से कफ का जमाव रहता है या सूखे कफ से साइनसाइटिस है तो एक चम्मच कढ़ी पाउडर को एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर पेस्ट दिन में दो बार पिएं।
कैंसर :-
इसमें पाये जाना वाला एंटी ऑक्सीडेंट बुढापे को दूर करते है तथा कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने नहीं देते।
कोलेस्ट्रोल
यह कोलेस्ट्रोल कम करता है |
लीवर
कढ़ी पत्ता लीवर को सुरक्षित करता है। ज्यादा एल्कोहल का सेवन करने वाले लीवर की समस्याओं से बच सकते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है जो हानिकारक तत्व जैसे मरकरी (मछली में पाया जाता है)।
कैसे करें सेवन : घर के बने हुए घी को गर्म करके उसमें एक कप कढ़ी पत्ते का जूस मिलाएं। इसके बाद थोड़ी सी चीनी और पिसी हुई काली मिर्च मिलाएं। अब इस मिक्सचर को कम तापमान में गर्म करके उबाल लें और उसे हल्का ठंडा करके पिएँ।
खून की कमी होने पर
कढ़ी पत्ते में मौजूद आयरन और फोलिक एसिड एनीमिया को दूर कर देता है। खून की कमी सिर्फ आयरन की ही कमी से नहीं अपितु आयरन को अब्जॉर्ब करने और उसे इस्तेमाल करने की शक्ति कम होने से भी होती है। एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति एक खजूर को दो कढ़ी पत्तों के साथ खाली पेट रोज सुबह खाएं।
जहरीले कीड़े काटने पर इसके फलों के रस को नींबू के रस के साथ मिलाकर लगाने से लाभ होता है।
मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से राहत कढ़ी पत्ता काफी असरदार होता है। इसके लिए मीठे नीम या कढ़ी के पत्तों को सुखाकर इनका बारीक पाउडर तैयार कर लें, और एक छोटा चम्मच गुनगुने पानी के साथ सुबह – शाम सेवन करें। कढ़ी, दाल, पुलाव आदि के साथ करी पत्ते का नियमित सेवन बेहद फायदेमंद है।
विटामिन बी1 बी3 बी9 और सी होता है। इसके अलावा आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस होने से इसके नियमित सेवन करने से बाल काले लंबे और घने होने लगेंगे।
जले और कटे
जले और कटे स्थान पर इसके पत्ते पीस कर लगाने से लाभ होता है।
नियमित कच्चा कढ़ी पत्ते चबाने से ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले गुण होते हैं, जिससे आप दिल की बीमारियों से बचे रहते हैं। यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण होने से रोकते हैं। दरअसल ऑक्सीकृत कोलेस्ट्रॉल बैड कोलेस्ट्रॉल बनाते हैं जो हार्ट डिसीज़ को न्यौता देते हैं।
इतना ही नहीं यह इन्फेक्शन , किडनी, घुटनो के लिए भी बेहद लाभकारी है।
आँखों की बीमारियों में इसमें मौजूद एंटी ओक्सीडेंट केटरेक्ट को शुरू होने से रोकते है, यह नेत्र ज्योति को बढाता है।
Garam Pani Peene Ke Fayde |Benifit of lukerwarm water | Garam pani peene ke fayde in Hindi
1. अगर आप स्किन प्रॉब्लम्स से परेशान हैं या ग्लोइंग स्किन के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स यूज करके थक चुके हैं तो रोजाना एक गिलास गर्म पानी पीना शुरू कर दें। आपकी स्किन प्रॉब्लम फ्री हो जाएगी व ग्लो करने लगेगी।
2. लड़कियों को पीरियड्स के दौरान अगर पेट दर्द हो तो ऐसे में एक गिलास गुनगुना पानी पीने से राहत मिलती है। दरअसल इस दौरान होने वाले पैन में मसल्स में जो खिंचाव होता है उसे गर्म पानी रिलैक्स कर देता है।
3. गर्म पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर हो जाते हैं। सुबह खाली पेट व रात्रि को खाने के बाद पानी पीने से पाचन संबंधी दिक्कते खत्म हो जाती है व कब्ज और गैस जैसी समस्याएं परेशान नहीं करती हैं।
4. भूख बढ़ाने में भी एक गिलास गर्म पानी बहुत उपयोगी है। एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस और काली मिर्च व नमक डालकर पीएं। इससे पेट का भारीपन कुछ ही समय में दूर हो जाएगा।
5. खाली पेट गर्म पानी पीने से मूत्र से संबंधित रोग दूर हो जाते हैं। दिल की जलन कम हो जाती है। वात से उत्पन्न रोगों में गर्म पानी अमृत समान फायदेमंद हैं।
6. गर्म पानी के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन भी तेज होता है। दरअसल गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है। पसीने के माध्यम से शरीर की सारे जहरीले तत्व बाहर हो जाते हैं।
7. बुखार में प्यास लगने पर मरीज को ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। गर्म पानी ही पीना चाहिए बुखार में गर्म पानी अधिक लाभदायक होता है।
8. यदि शरीर के किसी हिस्से में गैस के कारण दर्द हो रहा हो तो एक गिलास गर्म पानी पीने से गैस बाहर हो जाती है।
9. अधिकांश पेट की बीमारियां दूषित जल से होती हैं यदि पानी को गर्म कर फिर ठंडा कर पिया जाए तो जो पेट की कई अधिकांश बीमारियां पनपने ही नहीं पाएंगी।
10. गर्म पानी पीना बहुत उपयोगी रहता है इससे शक्ति का संचार होता है। इससे कफ और सर्दी संबंधी रोग बहुत जल्दी दूर हो जाते हैं।
11. दमा ,हिचकी ,खराश आदि रोगों में और तले भुने पदार्थों के सेवन के बाद गर्म पानी पीना बहुत लाभदायक होता है।
12. सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू मिलाकर पीने से शरीर को विटामिन सी मिलता है। गर्म पानी व नींबू का कॉम्बिनेशन शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है।साथ ही पी.एच. का स्तर भी सही बना रहता है।
13. रोजाना एक गिलास गर्म पानी सिर के सेल्स के लिए एक गजब के टॉनिक का काम करता है। सिर के स्केल्प को हाइड्रेट करता है जिससे स्केल्प ड्राय होने की प्रॉब्लम खत्म हो जाती है।
14. वजन घटाने में भी गर्म पानी बहुत मददगार होता है। खाने के एक घंटे बाद गर्म पानी पीने से मेटॉबालिम्म बढ़ता है। यदि गर्म पानी में थोड़ा नींबू व कुछ बूंदे शहद की मिला ली जाएं तो इससे बॉडी स्लिम हो जाती है।
15. हमेशा जवान दिखते रहने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए गर्म पानी एक बेहतरीन औषधि का काम करता है।
जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥ अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन क्षार लगाए॥ वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मुनि मोहे॥
मैना मातु की हवे दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥ कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥ नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥ कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥ किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥ तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥ आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥ किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी॥ दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥ वेद माहि महिमा तुम गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥
प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला। जरत सुरासुर भए विहाला॥ कीन्ही दया तहं करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥ पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥ सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥
एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥ कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भए प्रसन्न दिए इच्छित वर॥ जय जय जय अनन्त अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥ दुष्ट सकल नित मोहि सतावै। भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै॥
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। येहि अवसर मोहि आन उबारो॥ लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट ते मोहि आन उबारो॥ मात-पिता भ्राता सब होई। संकट में पूछत नहिं कोई॥ स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु मम संकट भारी॥
धन निर्धन को देत सदा हीं। जो कोई जांचे सो फल पाहीं॥ अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥ शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥ योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। शारद नारद शीश नवावैं॥
नमो नमो जय नमः शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥ जो यह पाठ करे मन लाई। ता पर होत है शम्भु सहाई॥ ॠनियां जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥ पुत्र होन कर इच्छा जोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे॥ त्रयोदशी व्रत करै हमेशा। ताके तन नहीं रहै कलेशा॥ धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥ जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्त धाम शिवपुर में पावे॥ कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥
हर साल 11 जुलाई को दुनिया विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाती है। किसी राष्ट्र की जनसंख्या के आकार का उसके विकास और संचालन पर एक बड़ा प्रभाव पड़ता है। किसी देश की जनसंख्या जितनी अधिक होती है, उसका विकास उतनी ही तेजी से करना कठिन होता है। नतीजतन, हमारे मौजूदा संसाधनों के दीर्घकालिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए, राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर पर, अधिक जनसंख्या को कम करना आवश्यक है।
The first World Population Day was marked on July 11, 1989.
परिवार नियोजन का अपनाओ उपाय, लिखो तरक्की का नया अध्याय।
जनसंख्या नियंत्रण का लो संकल्प, पृथ्वी को बेहतर बनाने का यही विकल्प।
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आज का दिन आप और आपके परिवार के लिए मंगलमय हो | सुप्रभात
हमें दूसरों के साथ वही व्यवहार करना चाहिए जो हम दूसरों से चाहते है | सुप्रभात
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प्रसन्नता एक सुन्दर आभूषण है | सुप्रभात
जुटे रहने की क्षमता योग्यता का 95% हिस्सा है | सुप्रभात
तकलीफें ही वह साधन है जो हमें अपनों में से अपनों की पहचान करवाती है | सुप्रभात
प्रसन्नता का प्रमुख रहस्य
सिर्फ वर्तमान में जीना है | सुप्रभात
सफलता अवसर में नहीं व्यक्ति में होती है | सुप्रभात
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जो व्यक्ति अवसर का निर्माण करते है उनकी मांग हर समय और हर जगह होती है | सुप्रभात
आपका सदव्यवहार, नैतिकता आपके महान होने की परिचायक है | सुप्रभात
महान पुरुष सुख और दुःख में समता में रहते है
हर परिस्थिति में ,समता में रहना ही आध्यात्मिकता का मापदंड है | सुप्रभात
निर्भयता जीवन को आनंदमय बनाने के लिए बहुत आवश्यक है | सुप्रभात
प्रातःकाल 3 बजे से 5 बजे तक ब्रह्ममुहूर्त के समय पिट्यूटरी तथा पीनियल ग्रंथियों से अन्तःस्राव होता है जिसके कारण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है | सुप्रभात
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फूलों से हम हंसना सीखें भौरों से हम गाना | सुप्रभात
पहला सुख – निर्मल काया
दूसरा सुख – घर में माया | सुप्रभात
बच्चों को विरासत में संपत्ति ही नहीं अच्छे संस्कार देना बहुत जरूरी है | सुप्रभात
मनुष्य की प्रगति का कारण सिर्फ डिग्री ही नहीं बल्कि उसकी समझदारी , विवेक , संतुलित मस्तिष्क , निर्णायक शक्ति बहुत आवश्यक है | सुप्रभात
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ईमानदारी और मस्तिष्क का संतुलन जीवन रूपी नाव की ऐसी दो पतवार है जिससे रास्ते में आने वाले तूफ़ान भी नतमस्तक हो जाते है | सुप्रभात
भय का कोई अपना बल और अस्तित्व नहीं होता उसकी शक्ति सिर्फ आपके नकारात्मक विचार है | सुप्रभात
चित्त को शांत रखना जीवन का सबसे आवश्यक कार्य है | सुप्रभात
संकटकाल ही हमारे जीवन की परीक्षा है | सुप्रभात
सूरज की तरह चमकने के लिए पहले खुद को सूरज की तरह तपाना होगा | सुप्रभात
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सफलता के 2 कदम पहले आपकी परीक्षा होती है उससे घबराना नहीं हिम्मत से सामना करना, मंजिल सामने इंतजार कर रही है | सुप्रभात
तुम्हें जीवन में ठीक उसी अनुपात में खुशी मिलेगी जिस अनुपात में तुम दूसरों की मदद करते हो | सुप्रभात
जल का बहाव नहीं पतवार तय करती है नाव को जाना कहाँ है | सुप्रभात
खुश रहना एक कला है यह किसी परिस्थिति पर निर्भर नहीं करता | सुप्रभात
व्यक्ति, वस्तु, स्थिति की कीमत सिर्फ परिस्थिति ही निर्धारित करती है | सुप्रभात
हर समस्या में समाधान और एक अवसर छुपा होता है अगर हम समस्या पर ध्यान लगाते है तो समस्या बढ़ जाती है अगर हम अवसर पर ध्यान लगाते है तो एक नया रास्ता खुल जाता है | सुप्रभात
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जीवन का सबसे जरूरी काम है खुद को स्वस्थ रखना | सुप्रभात
जीवन में वही आगे बढ़ता है जिसने सीखा हो असफलताओं को गले लगाना | सुप्रभात
जब आप मॉल में जाते है तो दरवाजा स्वयं खुल जाता है इसी प्रकार जब आप
दृढ़ संकल्प, ईमानदारी से काम करते है तो रास्ते भी स्वयं खुल जाते है | सुप्रभात
आप पहला कदम आगे बढ़ाये मंजिल को आपका बेसब्री से इन्तजार है | सुप्रभात
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जिसकी जितनी उपयोगिता है उसको उतना ही मूल्य मिलता है
खुद पर विश्वास और निरंतर प्रयास के साथ धैर्य रखने वाले व्यक्ति के पास सफलता स्वयं चलकर आती है | सुप्रभात
अगर आप अपने सुख के लिए दूसरे पर निर्भर है तो आपका दुःख भी उसी पर निर्भर होगा | सुप्रभात
जिंदगी जीने की वजह इतनी मजबूत होनी चाहिए कि तकलीफें भी तुमसे दूरी बनाने को मजबूर हो जायें | सुप्रभात
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संघर्ष नाम के पेड़ पर ही सफलता के फल खिलते है | सुप्रभात
उन्नति के नियम
१ प्रसन्नता एवं मानसिक संतुलन
२ परिश्रम एवं पुरुषार्थ
३ साहस एवं निर्भयता
४ आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता
५ स्नेह एवं सहानुभूति
६ जिज्ञासा एवं लगन ७ त्याग एवं बलिदान | सुप्रभात
ईमानदारी और मस्तिष्क का संतुलन जीवन रूपी नाव की ऐसी दो पतवार है जिससे रास्ते में आने वाले तूफ़ान भी नतमस्तक हो जाते है | सुप्रभात
विपरीत परिस्थितियां वह सूचक यन्त्र है जो हमें अपनों की वास्तिकता से परिचय करवातीं है | सुप्रभात
स्वस्थ मन ही स्वस्थ शरीर का निर्माण करता है
स्वस्थ शरीर स्वस्थ मन का निर्माण करता है | सुप्रभात